दिल्ली ब्लास्ट केस में बड़ी कार्रवाई: NIA ने सुसाइड बॉम्बर उमर नबी के साथी शोएब को पकड़ा, अल-फलाह यूनिवर्सिटी मॉड्यूल की परतें खुलीं

शोएब ने उमर को नूंह में ठिकाना दिलाया; ब्लास्ट से पहले 10 दिन वहीं रुका था। NIA ने अब डॉक्टर आदिल और डॉक्टर शाहीन सईद को भी जांच के दायरे में लिया।
by - Thaneshwar sahu
नई दिल्ली। दिल्ली ब्लास्ट केस में NIA ने एक और अहम गिरफ्तारी करते हुए सुसाइड बॉम्बर डॉ. उमर नबी के सहयोगी शोएब को गिरफ्तार किया है। शोएब हरियाणा के फरीदाबाद जिले के धौज गांव का रहने वाला है और अल-फलाह यूनिवर्सिटी में वार्ड बॉय के रूप में काम करता था। एजेंसी का कहना है कि ब्लास्ट में इस्तेमाल होने वाले सामान की आवाजाही में शोएब की बड़ी भूमिका थी।
नूंह में किराए का कमरा दिलाया था शोएब ने
NIA जांच में सामने आया है कि—
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शोएब ने ही उमर नबी को नूंह में अपनी साली अफसाना के घर में कमरा दिलाया।
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दिल्ली ब्लास्ट से 10 दिन पहले उमर इसी मकान में आकर रुका था।
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ब्लास्ट वाले दिन (10 नवंबर), वह यहीं से दिल्ली के लिए रवाना हुआ।
जांच एजेंसी का मानना है कि यह कमरा आतंकी गतिविधियों का मुख्य ठिकाना था।
अल-फलाह यूनिवर्सिटी का मॉड्यूल उजागर
जांच में खुलासा हुआ है कि आतंकियों का नेटवर्क अल-फलाह यूनिवर्सिटी के आसपास ही सक्रिय था।
NIA को डॉ. मुजम्मिल शकील की निशानदेही पर अब—
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डॉ. आदिल अहमद
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डॉ. शाहीन सईद
को भी यूनिवर्सिटी परिसर ले जाकर पूछताछ करनी है।
कई साल पुरानी दोस्ती—यूनिवर्सिटी को बनाया केंद्र
सूत्रों के मुताबिक:
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डॉ. आदिल और सुसाइड बॉम्बर उमर नबी की कई साल से गहरी दोस्ती थी।
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आदिल कई बार अल-फलाह यूनिवर्सिटी आया और उमर के हॉस्टल फ्लैट में रुकता था।
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इसी दौरान उसकी मुलाकात मुजम्मिल शकील और शाहीन सईद से हुई।
NIA को शक है कि आदिल ही इस मॉड्यूल का थिंक टैंक था।
आदिल ने दिए थे “किराए के सुरक्षित ठिकाने” के आइडिया
जांच में यह भी सामने आया है कि आदिल ने ही—
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फतेहपुरा तगा
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धौज गांव
में विस्फोटक जुटाने और रहने का आइडिया दिया।
कारण:
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यहां मुस्लिम आबादी अधिक
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किराए पर कमरे आसानी से
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कोई कागजी औपचारिकता की जरूरत नहीं
इसी कारण आतंकी गतिविधियाँ बिना किसी शक के चल रही थीं।

Niraj Tiwari
Independent journalist with 5 years of hands-on experience covering ground reports, interviews, and investigative stories. Committed to truthful reporting and ethical journalism.
