DSP कल्पना वर्मा पर गंभीर आरोप लगाने वाले कारोबारी दीपक टंडन के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट, रिश्वत–ब्लैकमेलिंग केस में नया मोड़

दीपका थाने में दर्ज धोखाधड़ी के पुराने केस में वारंट जारी; DSP ने कहा—फेक चैट्स वायरल कर बदनाम करने की कोशिश की गई।
By - Thaneshwar Sahu
रायपुर। राजधानी रायपुर में DSP कल्पना वर्मा और होटल कारोबारी दीपक टंडन के बीच विवाद गंभीर मोड़ ले चुका है। एक ओर जहां टंडन ने DSP पर रिश्वत, ब्लैकमेलिंग और धोखाधड़ी के गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं दूसरी ओर उन पर खुद कोरबा के दीपका थाने में दर्ज धोखाधड़ी के एक मामले में अदालत ने गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है।
पीड़ित महेंद्र सिंह ने टंडन पर 27 लाख रुपये की ठगी का आरोप लगाया था। टंडन के कोर्ट में पेश न होने के चलते यह वारंट जारी हुआ है।
टंडन का दावा—DSP ने लव ट्रैप में फंसाकर करोड़ों ठगे
कुछ दिन पहले कारोबारी दीपक टंडन ने आरोप लगाया था कि DSP कल्पना वर्मा ने उन्हें "लव ट्रैप" में फंसाया, शादी का भरोसा दिलाया और धीरे-धीरे उनसे करोड़ों रुपये, कीमती ज्वैलरी, और एक लग्जरी कार ले लीं। इस शिकायत के बाद मामला मीडिया तक पहुंचा और विवाद सुर्खियों में आ गया। पुलिस फिलहाल इन आरोपों की जांच कर रही है।
कौन हैं दीपक टंडन? (Background)
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कोरबा की पुरानी बस्ती आदिल चौक के पास बीता बचपन।
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यहीं अपनी पढ़ाई और परिवार के साथ फोटो फ्रेमिंग का काम किया।
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चार भाइयों में सबसे छोटे हैं।
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2011 में पहली शादी कोरबा में हुई, लेकिन विवाद के बाद विवाह टूट गया।
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दहेज प्रताड़ना का केस भी दर्ज हुआ था।
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करीब 17 साल पहले कोरबा छोड़कर रायपुर चले गए।
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इस समय रायपुर में एक बड़े होटल व्यवसाय से जुड़े हुए हैं और दूसरी शादी से दो बच्चे हैं।
परिवार का कहना है कि DSP के मामले की जानकारी उन्हें समाचार पत्रों और व्हाट्सऐप ग्रुप के जरिए ही मिली।
DSP और टंडन की मुलाकात कैसे हुई?
जानकारी के अनुसार, 2021 में DSP कल्पना वर्मा महासमुंद में पदस्थ थीं। उसी दौरान एक बैचमेट की वजह से उनकी टंडन से मुलाकात हुई। बाद में दोनों के बीच नंबर एक्सचेंज हुए बातचीत शुरू हुई, मुलाकातें बढ़ती गईं वे कई बार साथ घूमने और छोटे ट्रिप पर भी गए, इनकी वीडियो और तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके हैं।
टंडन ने कब की थी शिकायत?
अक्टूबर 2025 में दीपक टंडन ने रायपुर के खम्हारडीह थाना में शिकायत दर्ज कराई। उनका आरोप था कि DSP वर्मा और उनके परिजनों ने उनसे पैसे ज्वैलरी और गाड़ी ली, जिसे वापस नहीं किया गया।
पहले पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही थी, इसलिए उन्होंने मीडिया को बयान देकर मामला सार्वजनिक किया। इसके बाद खम्हारडीह पुलिस ने जांच शुरू की, लेकिन कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया।
DSP कल्पना वर्मा का पक्ष
DSP वर्मा ने सभी आरोपों को झूठा और मनगढ़ंत बताया। उनके अनुसार टंडन कोर्ट से केस वापस लेने के लिए उन पर दबाव बना रहा था। बात नहीं बनने पर उसने फर्जी चैट्स और गलत तस्वीरें वायरल कर दीं। वायरल हुए वीडियो के बारे में DSP का कहना है कि वह टंडन से बकाया पैसे लेने उसके होटल गई थीं। उन्होंने कहा कि टंडन ने सोशल मीडिया से उनकी तस्वीरें उठाकर फेक चैट्स एडिट किए। DSP वर्मा ने कहा है कि वे इस मामले में कानूनी कार्रवाई करेंगी।

Niraj Tiwari
Independent journalist with 5 years of hands-on experience covering ground reports, interviews, and investigative stories. Committed to truthful reporting and ethical journalism.
