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        बस्तर में नक्सल मोर्चे पर बड़ा बदलाव: हिड़मा के मारे जाने के बाद आज 37 नक्सली आत्मसमर्पण करेंगे, संगठन की कमर टूटने के संकेत

        Niraj TiwariNiraj Tiwari
        Nov 22, 2025, 11:27 AM
        बस्तर में नक्सल मोर्चे पर बड़ा बदलाव: हिड़मा के मारे जाने के बाद आज 37 नक्सली आत्मसमर्पण करेंगे, संगठन की कमर टूटने के संकेत
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        हैदराबाद में दोपहर 3 बजे डीजीपी की मौजूदगी में आत्मसमर्पण कार्यक्रम। केंद्रीय कमेटी सदस्य आज़ाद उर्फ अप्पासी नारायण और हिड़मा का खास सहयोगी एर्रा भी होंगे शामिल।


        by - Thaneshwar sahu

        बीजापुर। बस्तर में नक्सल मोर्चे पर सुरक्षा एजेंसियों को एक और बड़ी सफलता मिलने जा रही है। कई राज्यों में सक्रिय और लंबे समय से वांछित 37 नक्सली आज हैदराबाद में दोपहर 3 बजे मुख्यधारा में लौटने की तैयारी में हैं। तेलंगाना के डीजीपी की मौजूदगी में इन सभी का आधिकारिक आत्मसमर्पण कराया जाएगा।

        केंद्रीय कमेटी सदस्य भी हथियार डालेंगे

        सूत्रों के अनुसार, आत्मसमर्पण करने वालों में नक्सल संगठन की केंद्रीय कमेटी का सदस्य आज़ाद उर्फ अप्पासी नारायण भी शामिल है।
        इसके साथ ही, कुख्यात नक्सली हिड़मा का करीबी सहयोगी एर्रा, जो बटालियन नंबर 01 में लंबे समय से सक्रिय था, भी आत्मसमर्पण करने जा रहा है।

        यह कदम नक्सल संगठन के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।


        नक्सल नेटवर्क पर सीधा प्रहार

        सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि हिड़मा जैसे मोस्ट वांटेड कमांडर के करीबियों का आत्मसमर्पण नक्सल नेटवर्क को और कमजोर करेगा।
        तेलंगाना पुलिस प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस बड़े ऑपरेशन की आधिकारिक जानकारी देगी।


        हिड़मा का अंत—20 सालों के आतंक का पर्दा गिरा

        हाल ही में आंध्र प्रदेश–छत्तीसगढ़ सीमा पर मारेडुमिली क्षेत्र में सुरक्षाबलों ने कुख्यात नक्सली माड़वी हिड़मा को उसकी पत्नी के साथ मार गिराया था।
        बस्तर IG ने बताया कि हिड़मा ने पिछले 20 वर्षों में बस्तर में दहशत फैलाई थी और कई बड़ी वारदातों में उसका हाथ था।

        हिड़मा ने नहीं मानी अपनी मां की अपील

        IG ने कहा—
        “हिड़मा को कई बार मुख्यधारा में लौटने को कहा गया, उसकी मां ने भी उससे अपील की थी, लेकिन उसने नहीं सुना… और अंततः मारा गया।”

        हिड़मा के मारे जाने के बाद अब नक्सलियों की रीढ़ टूट चुकी है। केंद्रीय कमेटी में अब 6 सदस्य ही बचे हैं।


        अब छिपे नक्सलियों पर भी अंतिम कार्रवाई

        बस्तर IG ने स्पष्ट कहा:
        “छिपे हुए नक्सलियों को ढूंढ-ढूंढकर खत्म किया जाएगा। बस्तर छोड़कर भाग रहे नक्सलियों का अंत तय है।”

        उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाया कि नक्सल विरोधी अभियान अब और तेज़ी से चलाया जाएगा।

        Niraj Tiwari
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        Niraj Tiwari

        Independent journalist with 5 years of hands-on experience covering ground reports, interviews, and investigative stories. Committed to truthful reporting and ethical journalism.

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